देवास। अक्टूबर कला उस दौर की सभ्यता उस दौर का परिचय देती है। हम चित्रों के माध्यम से कनिष्क और अकबर की पहचान पाते हैं। उनके दोर की वास्तुकला और जन जीवन को समझ पाते है। अफजल साहब के चित्र हमें कई बातें सिखाते है। उनकी स्मृति मे आयोजित समारोह में आना मेरे लिये खुशी की बात है। यह बात उज्जैन के पूर्व सांसद प्रोफेसर डॉ. चिन्तामण मालवीय ने अफजल स्मृति चित्रकला प्रदर्शनी के समापन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में बोलते हुए कही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्य आतिथ्य संबोधन में कहा देवास की जमीन को कला साहित्य और संस्कृति की उर्वरा भूमि बताते हुए कहा कि अफजल साहब की अनमोल विरासत को उनके परिवार और कला प्रेमियों ने संजो कर रखा है। बल्कि युवा कलाकार अब उनके काम को आगे बड़ा रहे है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा की कला हमे सरहदो को तोड़ कर मनुष्यता की तरफ ले जाती है। इस मायने मे एक कलाकार का काम बहुत बड़ा होता है। अफजल साहब नई पीढ़ी के लिये प्रेरणा स्रोत हैं। नवोदित कलाकार शादाब व आमेला इस सील सीले को आगे बड़ा रहे है। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है। चित्रकला प्रदर्शनी के दूसरे दिन विधायक गायत्री राजे पवार ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर अवलोकन किया और भूरी-भूरी प्रशंसा की। ख्यात चित्रकार कलागुरू अफजल की स्मृति में देवास कला विथीका देवास ने दो युवा कलाकारों की 3 दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसे शहर के सैकड़ों लोगों ने निहारा और कला को दाद दी। अफजल साहब के पोते शादाब खान की चित्रकला और पोती आमेला खान की कोलाज पेंटिंग की कला प्रेमियों ने जमकर सराहना की। अफजल साहब ने अपनी मुर्त तथा अमूर्त कृतियों के जरिए पुरे देश में ही नहीं वरन विश्व में पहचान बनाई है। उन्होने एक पुरी कला पीढी तैयार की उनके काम को देश भर में खासा सम्मान मिला। समापन समारोह कार्यक्रम में अनुष्का जोशी ने कृथक नृत्य की सफल प्रस्तुती से जमकर दाद बटोरी वही अंजली सिंह ने अपने सुमधुर गायन से श्रोताओं का दिल जीत लिया। देवास कला विथीका देवास के अध्यक्ष मनोज राजानी ने स्वागत भाषण दिया एवं अतिथियों का पुष्पमाला द्वारा सम्मान मनोज राजानी शरीफ खान मामु वरिष्ठ छाया चित्रकार कैलाश सोनी कथाकार मनीश वैद्य, चित्रकार राजेश परमार, वकार शेख, रहीस खान ने किया। इस अवसर पर संस्थाने चित्रकार रमेश सोनी, कास्ट मुर्तीकार सोहन जोशी, समाजसेवी अन्सार हाथी वाले, नृत्य गुरू प्रफुल गहलोत, शिक्षक महेश सोनी का सम्मान शाल श्रीफल भेंट कर किया गया। चित्रकार आमेला और शादाब ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेट किये। संचालन शैययद मकसूद अली ने किया। आभार प्रदर्शन शरीफ खान मामु ने माना। तत्पश्चात अतिथियों ने चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
- 04 Oct
- 2021
